India में Mini flour mill बिज़नेस को low investment के साथ start किया जा सकता है । आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएँगे की आप अपनी स्वयं की Flour mill कैसे start कर सकते हैं । Flour mill से हमारा आशय उस business से है, जिसमे गेहूं एवं अन्य अनाज को पीसकर आटा, मैदा, सूजी/रवा इत्यादि बनाया जाता है ।

ग्रामीण इलाकों में साधारण शब्दों में Mini flour mill को आटा चक्की के नाम से भी जाना जाता है । यह चक्की शब्द आटे के साथ तब से जुड़ा हुआ है । जब तकनिकी का इतना बोलबाला नहीं था, और लोग आटा पीसने के लिए दो पत्थरों से निर्मित पानी द्वारा चालित चक्की का उपयोग किया करते थे ।

Introduction of flour mill in Hindi:

साधारणतया आटे को India में बहुत सारे Food items बनाने के उपयोग में लाया जाता है। इनमे से आटे से निर्मित होने वाली मुख्य खाने की वस्तुएं रोटी, पूरी, नान इत्यादि हैं । आटे के उत्पादन हेतु अधिकतर तौर पर Semi hard wheat को पीसा जाता है । इस गेहूं को Durum wheat के नाम से भी जाना जाता है, और यह गेहूं India में कुल गेहूं की फसल में 90% तक शामिल है ।

इस प्रकार के गेहूं में ग्लूटेन जो प्रोटीन का अवयव होता है, बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। जो आटे में थोड़ा लचीलापन लाता है, यही कारण है की आटे में हम पानी मिलाकर उसको लाचीलादार बनाने में कामयाब हो पाते हैं ।

Business Potential:

शायद यह बताने की जरुरत नहीं है की गेहूं से निर्मित आटा हमारे देश में मुख्य रूप से खाने की वस्तुओं जैसे रोटी, पूरी, नान, पराठा इत्यादि को बनाने में उपयोग में लाया जाता है। और भारतवर्ष में शायद ऐसा कोई ही घर होगा, जिनमे ये सब खाना नहीं पकाया जाता हो। इसके अलावा आटे का उपयोग मिठाई, पकोड़े, हलवा इत्यादि बनाने में भी किया जाता है । लोगो में एक मान्यता यह भी है की चक्की से पीसा हुआ आटा, मार्किट में उपलब्ध आटे से अधिक स्वास्थ्यवर्धक और सस्ता पड़ता है । बस यही खूबियाँ flour mill business के लिए एक बहुत बड़े तौर पर Market Potential Generate करती हैं ।

आटे की मिल कैसे शुरू करें (how to start Flour Mill business) :

Flour mill स्टार्ट करने से पहले आपको बहुत सारी छोटी बड़ी गतिविधियाँ जैसे Area Analysis, Land selection, Project Plan, Registration, Financial arrangements, मशीनरी की खरीदारी, बिजली फिटिंग और मशीनों की Installing, एवं अन्य ओपचारीकतायें पूरी करनी होगी। आइये हम Step by Step उपर्युक्त विषयों पर थोड़ी detail में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं, जो निम्न है ।

1. एरिया विश्लेषण (Area Analysis):

Area analysis से हमारा अभिप्राय उस क्षेत्र के विश्लेषण से है, जिस क्षेत्र में आप अपनी mini flour mill लगाने की सोच रहे हैं। क्या आपने उस क्षेत्र में रहने वाले लोगो की आटा खरीदते वक्त आदतों का विश्लेषण किया । क्या आपके क्षेत्र में रहने वाले लोगो से आपका बाज़ार में उपलब्ध आटे की कीमत और गुणवत्ता को लेके कोई बात हुई । क्या आपने खुद विश्लेषण किया की यदि मैं इस क्षेत्र में Flour mill का Business करूँगा, तो मैं लोगों को बाज़ार की कीमत से थोड़े सस्ती कीमत पर आटा दे पाउँगा ।

अगर नहीं किया तो करना पड़ेगा । तभी आपकी flour mill business की नीवं बन पायेगी। और सबसे अहम् बात यह है, की यदि उस क्षेत्र में गेहूं की पैदावार होती है। तो आपको raw material अर्थात गेहूं तो आसानी से मिलेगा ही मिलेगा। साथ में लोग अपने से उत्पादित गेहूं को पिसवाने आपकी Flour mill पर जरुर आयेंगे। इसलिए इस बिज़नेस को करने से पहले area analysis करना बेहद जरुरी है ।

2. जगह का चयन (Land Selection):

हालाँकि यह काम करने के लिए Land Selection के नाम पर आपको 18×15 का एक कमरा चाहिए होता है। वह आपका अपना भी हो सकता है, और आप किराये पर भी ले सकते हैं। लेकिन फिर भी Flour Mill शुरू करने से पहले बेहद जरुरी हो जाता है की यह जगह आपके पास उपलब्ध हो।

3. प्रोजेक्ट योजना (Project Plan):

कुछ लोग सोचते होंगे की वो जब अपने Project पर अपनी जेब से पूंजी लगा रहे हैं। तो उन्हें Project Plan की क्या जरुरत है। Project report तो बैंक से लोन प्राप्त करने हेतु बनानी पड़ती है। लेकिन शायद वे लोग गलत सोचते हैं। क्योकि एक प्रोजेक्ट प्लान में हमें अपने होने वाले खर्चे और कमाई का पहले ही Idea लग जाता है। जो हमें कुछ निर्णय लेने और कुछ न लेने में Help करता है। इसके अलावा एक बिज़नेस प्रोजेक्ट Plan में हम अपने बिज़नेस के भविष्य के लिए टारगेट Set कर सकते हैं। जो हमारे बिज़नेस को Grow करने में हमारी मदद करेंगे।

4. Financial Arrangements (वित्त की व्यवस्था):

अब चूँकि आपने अपने बिज़नेस के लिए प्रोजेक्ट Plan तैयार कर लिया है। इसलिए आपको इस पर लगने वाले खर्चे का अनुमान हो गया होगा । अब जो अगला step है, वह है financial arrangements अर्थात वित्त की व्यवस्था का । अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक अपने बिज़नेस के लिए वित्त की व्यवस्था कीजिये ।

5. Flour Mill License & Registration:

राष्ट्रीय, राज्यीय, क्षेत्रीय नियमो के हिसाब से Business का Registration बेहद जरुरी है । लेकिन हमारे हिसाब से ग्रामीण क्षेत्रो में छोटे स्तर पर की जाने वाली Flour mill business के लिए यह जरुरी नहीं है । फिर भी आप एक बार अपने राज्य या क्षेत्रीय नियम अवश्य चेक करें ।यदि आप स्वयं के ब्रांड के नाम से आटा पैकिंग करके बेचने की सोच रहे हैं तो आपको FSSAI License एवं ट्रेडमार्क की भी आवश्यकता हो सकती है।

6. Machinery Purchasing for Flour Mill:

अब अपने Flour Mill संबंधी उपकरणों मशीनों की खरीदारी कीजिये। और ध्यान रहे मशीन वही से खरीदें जो इस व्यवसाय को करने के लिए पंजीकृत हों। और मशीनरी Purchase करने से पहले अपनी जरुरत का विश्लेषण अवश्य कर लें। Actually होता क्या है की अलग अलग flour mill मशीनों की, प्रति घंटा milling करने की अलग अलग क्षमता होती है।
Flour mill Machines

7. Electricity Fitting and Machine Installing:

अब चूँकि आपने अपने flour mill business को start करने के लिए मशीनों की खरीदारी कर ली है। इसलिए अब अगला स्टेप मशीन की installing व electrification का होगा। इसमें ध्यान देने वाली बात यह है, की मशीन की Installing व बिजली फिटिंग इस व्यवसाय से जुड़े कारीगरों से कराएँ। खुद यह क्रिया करने की कोशिश न करें ।

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