एचडीएफसी बैंक की पैरेंट कंपनी एचडीएफसी का विलय एचडीएफसी बैंक में करने की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जी हाँ 4 अप्रैल 2022 को एचडीएफसी बैंक ने इस बात की घोषणा की थी। तब से इनके विलय की प्रक्रिया जारी है, और विभिन्न अथॉरिटी से स्वीकृति आवेदन इत्यादि की प्रक्रिया में समय लग रहा है। 

लेकिन 2 जुलाई को यह खबर आई की इनके विलय को दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से पत्र प्राप्त हुए हैं। जिनमें यह स्पष्ट रूप से कहा गया है की उन्हें इस विलय से कोई आपत्ति नहीं है ।

HDFC merger to hdfc bank

4 अप्रैल 2022 को हुई थी विलय की घोषणा

एचडीएफसी बैंक ने 4 अप्रैल 2022 को घोषणा की थी की बैंक अपने 68 मिलियन से अधिक ग्राहकों को होम लोन एवं अन्य बैंकिंग सेवाएँ निर्बाध रूप से देने के लिए अपनी पैरेंट कंपनी एचडीएफसी का विलय एचडीएफसी बैंक में करेगा। इससे न सिर्फ बैंक के आकार में वृद्धि होगी बल्कि अर्थव्यवस्था में ऋण वृद्धि की गति को भी ईधन मिलेगा।

यह विलय एक बड़ी बैलेंस शीट बनाने और कंपनी की नेट वर्थ बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्ताविक किया गया।इसके अलावा संभावना जताई गई की यह अर्थव्यवस्था में ऋण के प्रवाह को भी गति प्रदान करने में सक्षम होगा। इतना ही नहीं जिन लोगों को तत्काल ऋण की आवश्यकता होगी उनके लिए भी यह कदम प्रभावी होगा।

एचडीएफसी शेयर धारकों का क्या होगा     

अब सवाल यह उठता है की यदि एचडीएफसी का विलय एचडीएफसी बैंक में हो जाता है, तो उसके शेयरधारकों का क्या होगा । जानकारी के मुताबिक एचडीएफसी शेयरधारकों को 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर दिए जाएँगे। एचडीएफसी बैंक के प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 1 रूपये और एचडीएफसी के प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 2 रूपये निर्धारित है।

विलय के बाद क्या होगा  

इस विलय के बाद एचडीएफसी बैंक पूर्ण रूप से पब्लिक शेयरधारकों के स्वामित्व में आ जाएगा । जबकि एचडीएफसी के मौजूदा शेयरधारकों के पास पहले का 41% हिस्सा मौजूद होगा। जैसा की हम सब जानते हैं एचडीएफसी बैंक भारत में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है, इस बैंक के पास 68 मिलियन से भी अधिक ग्राहक और देश भर में 6342 शाखाएँ उपलब्ध हैं।

इस बैंक ने कई दशकों का अथक परिश्रम करके ग्राहकों के साथ अपने गहरे व्यवसायिक सम्बन्ध स्थापित किए हैं। और बैंकिंग क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक सबसे अग्रणी बैंकों में से एक है।

यह विलय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद एचडीएफसी की अन्य सब्सिडियरी कंपनियों का विलय भी एचडीएफसी बैंक में ही हो जाएगा । जिससे एचडीएफसी बैंक की बैलेंस शीट 17.9 लाख करोड़ और मार्किट कैप 12.8 लाख करोड़ होने की उम्मीद जताई गई है। और बैंक को काफी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा ग्राहकों को बैंकिंग एवं होम लोन की सुविधाएँ एक ही जगह एक ही ऑफिस में मिलने की उम्मीद जताई जा सकती है ।   

बैंक को विलय को लेकर NSE, BSE से प्राप्त हुआ नों ऑब्जेक्शन लैटर      

बैंक के द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार उन्हें बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से एक ऑब्जरवेशन लैटर प्राप्त हुआ है। और ख़ुशी की बात यह है की बीएससी ने इसमें किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति दर्ज नहीं की है।

ठीक इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से प्राप्त हुए ऑब्जरवेशन लैटर में भी किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई गई है। एचडीएफसी बैंक ने कहा की उन्हें यह दोनों लैटर 2 जुलाई 2022 को प्राप्त हुए हैं।

इससे कहा जा सकता है की एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक के विलय को स्टॉक एक्सचेंज द्वारा मंजूरी दी गई है। लेकिन अन्य सम्बंधित अथॉरिटी से मंजूरी पाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

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