सीमेंट स्टोर कैसे खोलें? Steps to Start Cement Dealership Business.

Cement Dealership का व्यापार एक ऐसे एरिया में जहाँ पर पहले से कोई सीमेंट एजेंसी नहीं है पर कितना लाभकारी हो सकता है यह शायद हमें बताने की जरुरत नहीं है। वह इसलिए क्योंकि वर्तमान में हर तरह के कंस्ट्रक्शन कार्य में सीमेंट का इस्तेमाल बहुतायत मात्रा में किया जाता है। बात चाहे सड़क निर्माण की हो, दीवार इत्यादि ठीक करने की हो, सीसी मार्ग बनाने की हो, भवन या घर निर्माण की हो, पुल, फ्लाईओवर इत्यादि बनाने की हो, निर्माण चाहे किसी भी प्रकार का क्यों न हो उसमें सीमेंट का उपयोग होता ही होता है। ऐसे में यह कहना भी गलत ही होगा की केवल शहरों में ही Cement Dealership Business शुरू करना फायदेमंद हो सकता है। बल्कि हम तो यह कहना चाहेंगे की उद्यमी चाहे तो इसे किसी भी इलाके या क्षेत्र से शुरू कर सकता है क्योंकि कंस्ट्रक्शन के काम तो आये दिन हर एरिया में होते रहते हैं। हाँ लेकिन यदि उस एरिया में पहले से कोई सीमेंट स्टोर उपलब्ध हो तो फिर उद्यमी को उस एरिया में अपना व्यापार शुरू करने से पहले सोचना चाहिए और यदि उद्यमी पहले से मौजूद स्टोर से भिन्न कंपनी की Cement Dealership लेने की सोच रहा हो तो वह फिर इस कार्य को करने के लिए आगे बढ़ सकता है। सीमेंट का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने के कारण सीमेंट उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। और इस बात से भी कतई इंकार नहीं किया जा सकता है की सीमेंट उत्पादन में भारत दुनिया में दुसरे स्थान पर है। हालिया आंकड़ों एवं रिपोर्टों के मुताबिक भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बहुत बड़ी संभावना आंकी गई है जिनमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घर एवं अन्य कंस्ट्रक्शन निर्माण से जुड़ी अनेकों योजनायें शामिल हैं। जो स्पष्ट रूप से इस ओर इशारा करती हैं की भविष्य में भारत में सीमेंट की खपत एवं मांग बड़े पैमाने पर बढ़ने वाली है। इसलिए यदि आप भी भविष्य में इस व्यवसाय से लाभ कमाना चाहते हैं तो आप खुद का Cement Dealership Business शुरू कर सकते हैं।

Cement Dealership Business in Hindi

सीमेंट डीलरशिप कैसे शुरू करें (How to Start a Cement Dealership in India)

 Cement Dealership का व्यापार शुरू करना भी वैसे देखा जाय तो आसान ही है लेकिन अलग अलग सीमेंट कंपनी की डीलरशिप प्रदान करने की शर्तें अलग अलग हो सकती हैं। कुछ कम्पनियां तो पांच लाख तक का सिक्यूरिटी डिपाजिट तक उम्मीदवारों से मांगती है वैसे आम तौर पर कम्पनियां 1 लाख से 5 लाख तक का सिक्यूरिटी डिपाजिट लेती हैं। इसके अलावा कुछ कम्पनियाँ चाहती हैं की उनकी डीलरशिप लेने वाला व्यक्ति का बिजनेस किसी वैधानिक एंटिटी के तहत रजिस्टर हो तो कुछ कम्पनियां केवल यह सुनिश्चित करती है की डीलर के पास टैक्स रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। कहने का अभिप्राय यह है की अलग अलग सीमेंट कम्पनियों की डीलरशिप देने के लिए अलग अलग शर्तें निर्धारित हो सकती हैं। इसलिए आगे इस लेख में हम स्टेप बाई स्टेप यही जानने का प्रयत्न करेंगे की कैसे कोई व्यक्ति खुद का Cement Dealership Business शुरू कर सकता है।

1. स्थानीय स्तर पर रिसर्च करें (Local research For Cement Dealership)

वर्तमान में अपने देश भारत में भी एक नहीं बल्कि अनेकों सीमेंट कम्पनियाँ हैं इसलिए उद्यमी को उस एरिया में प्रचलित सीमेंट के बारे में पता करना चाहिए। अर्थात उद्यमी को इस बात का पता करना होगा की उस एरिया के लोगों का विश्वास कौन से ब्रांड के सीमेंट में अधिक है। क्योंकि ध्यान रहे सीमेंट का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन कार्यों के लिए किया जाता है और जब एक बिल्डिंग या घर बन जाता है तो मनुष्य यही चाहता है की यह वर्षों वर्ष सुरक्षित रहे। इसलिए उस एरिया में स्थित लोगों के दिमाग में जिस भी ब्रांड का सीमेंट बेहतर होगा वही उस एरिया में अधिकतर बिकेगा और उद्यमी को उसी ब्रांड की Cement Dealership लेनी चाहिए। इसके अलावा उद्यमी को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौजूदा सीमेंट स्टोरों की भी जानकारी जुटाने का प्रयत्न करना चाहिए की वे कौन सी ब्रांड का सीमेंट बेच रहे हैं? क्या ग्राहक उनकी सर्विस से खुश हैं या नहीं?और उन्हें अपने व्यवसाय को चलाने में किन किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उद्यमी को चाहिए की वह सभी आवश्यक बातों पर स्थानीय रिसर्च अवश्य करे जो उसे उसके निर्णय लेने में मदद करेंगे।        

2. ब्रांड या सीमेंट कंपनी का चुनाव करें (Brand Selection for Cement Dealership)

जैसा की अब तक उद्यमी द्वारा स्थानीय स्तर पर बहुत सारे प्रश्नों का जवाब पाने के लिए रिसर्च का काम पूर्ण कर लिया होगा। अब खुद का Cement Dealership Business शुरू करने के लिए उद्यमी का अगला कदम उस ब्रांड या सीमेंट कंपनी का चुनाव करने का होना चाहिए जिसका सीमेंट वह अपने स्टोर के माध्यम से बेचना चाहता है। ब्रांड या सीमेंट कंपनी का चुनाव रिसर्च में सामने आई जानकारी के अनुरूप होना चाहिए और इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए की जिस ब्रांड का चयन उद्यमी करने जा रहा हो उस ब्रांड की डीलरशिप पहले से ही उस एरिया विशेष में मौजूद न हो। क्योंकि बहुत सारी कम्पनियां जिस एरिया में उनकी पहले से डीलरशिप मौजूद होती हैं वहां पर वे नई डीलरशिप प्रदान नहीं करते हैं। इसलिए उद्यमी को सीमेंट की ब्रांड या कंपनी का चयन लोगों की पसंद एवं डीलरशिप की उपलब्धता को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। कुछ प्रमुख सीमेंट कम्पनियों में अल्ट्राटेक, अम्बुजा, एसीसी, बिरला, डालमिया, श्री सीमेंट, इंडिया सीमेंट, जे. के. सीमेंट इत्यादि शामिल हैं।     

3. सीमेंट के प्रकार का चयन करें

हालांकि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी कंपनी की Cement Dealership लेता है तो कंपनी उसे केवल अपना सीमेंट बेचने के लिए ही प्राधिकृत नहीं करती बल्कि अन्य सहयोगी उत्पादों को बेचने के लिए भी प्राधिकृत करती है। लेकिन कुछ कम्पनियां ऐसी भी हैं जो अलग अलग उत्पादों के लिए अलग अलग डीलरशिप प्रदान करती हैं जैसे की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की आम तौर पर बाज़ारों में दो तरह का सीमेंट सफ़ेद एवं धुमैला बिकता है। तो कुछ कम्पनियां ऐसी भी हैं जो सफ़ेद सीमेंट के लिए अलग अलग डीलरशिप एवं ग्रे या धुमैले सीमेंट के लिए अलग डीलरशिप प्रदान करती हैं। ऐसे में इस तरह का बिजनेस शुरू करने वाले व्यक्ति को पहले इस बात का चयन करना होता है की वह उस कंपनी का कौन सा सीमेंट वाइट या ग्रे में से किसकी डीलरशिप लेने वाला है। वैसे देखा जाय तो कंस्ट्रक्शन कामों में दोनों तरह के सीमेंट का इस्तेमाल होता है लेकिन ग्रे रंग के सीमेंट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसलिए जब भी कोई भी व्यक्ति किसी के भी मुहँ से सीमेंट नामक शब्द सुनता है तो उसके आँखों के सामने ग्रे रंग के सीमेंट की ही तस्वीर उभरती है।      

4. डीलरशिप कंपनी के नियम शर्तों का पता करें (Know Rule for Cement Dealership)

खुद का Cement Dealership Business शुरू करने की ओर उद्यमी का अगला कदम जिस कंपनी या ब्रांड का चयन उसने किया हो उसके नियम एवं शर्तों के बारे में पता करने का होता है। जैसे कुछ कम्पनियां होती हैं जो ये चाहती हैं की उनकी डीलरशिप लेने वाली इकाई एक वैधानिक इकाई हो। तो अधिकतर कम्पनियां व्यक्तिगत व्यक्ति को भी अपनी डीलरशिप प्रदान करती हैं बशर्ते व्यक्तिगत व्यक्ति द्वारा उस कंपनी द्वारा निर्धारित नियम एवं शर्तों का पूर्णतया ठीक ढंग से अनुपालन किया जा रहा हो। इसी प्रकार कुछ कम्पनियां चाहती हैं की उनके साथ इस तरह का व्यापार शुरू करने वाला व्यक्ति या इकाई आर्थिक तौर पर मजबूत हो इसलिए वे लाखों रूपये सिक्यूरिटी डिपाजिट के तौर पर भी मांग सकते हैं जो रिफंडेबल होते हैं। और डीलरशिप के लिए आवेदन कर रहे व्यक्ति से वित्त सम्बन्धी दस्तावेज जैसे बैंक स्टेटमेंट, टैक्स रिटर्न स्लिप इत्यादि भी जमा करने को कह सकते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं की अलग अलग कम्पनियों की निति Cement Dealership प्रदान करने के लिए अलग अलग हो सकती है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह न सिर्फ उस कंपनी के नियम एवं शर्तों के बारे में पता करे बल्कि यह जानने की भी कोशिश करे की वह हर बिक्री पर कितने रूपये तक कमाई कर पाने में सक्षम होगा।       

5. वित्त एवं इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रबंध करें

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की Cement Dealership Business शुरू करने के लिए उद्यमी को डीलरशिप देने वाली कंपनी को सिक्यूरिटी डिपाजिट के तौर पर भी पैसे देने की आवश्यकता होती है जो की रिफंडेबल होते हैं। और इसके अलावा उद्यमी को स्टोर का किराया, काम करने वाले श्रमिकों का वेतन, सीमेंट एवं अन्य सहायक सामान खरीदने के लिए भी पैसों की आवश्यकता होती है। वैसे वास्तविक लागत तो उद्यमी की व्यापारिक योजना, बिजनेस का आकार, लोकेशन इत्यादि बातों पर निर्भर करती है लेकिन अनुमानित तौर पर इस व्यापार को शुरू करने में 7-10 लाख रूपये तक का खर्चा शुरूआती दौर में आ सकता है। इसलिए उद्यमी कहीं से भी चाहे अपनी बचत से, पारिवारिक मित्रों दोस्तों से या फिर बैंक ऋण से वित्त की व्यवस्था कर सकता है। जहाँ तक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात है उद्यमी को कम से कम 500Sqft की जगह इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए चाहिए हो सकती है। लेकिन ध्यान रहे उद्यमी का स्टोर एक ऐसे एरिया एवं सड़क पर होना अति आवश्यक है जहाँ पर हेवी लोड व्हीकल जैसे ट्रक इत्यादि आसानी से आ जा सकें।      

6. सीमेंट बेचें और कमाई करें

Cement Dealership Business शुरू करने की दिशा में सभी कार्य पूर्ण करने के पश्चात उद्यमी के पास केवल और केवल एक ही काम रह जाता है की वह कैसे अधिक से अधिक सीमेंट की मात्रा बेचने में सफल हो पायेगा। चूँकि सीमेंट कंस्ट्रक्शन विनिर्माण से जुड़ी हुई वस्तु है और इसका अधिकतम इस्तेमाल तभी होता है जब कोई बिल्डिंग, फ्लैट, घर, पुल, फ्लाईओवर या अन्य कोई सामाजिक धार्मिक कंस्ट्रक्शन का कार्य हो रहा हो। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह उस एरिया विशेष में उपलब्ध ऐसे सभी लोगों जो कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर कंस्ट्रक्शन के कार्यों से जुड़े रहते हैं, उनसे विशेष संपर्क एवं व्यापारिक सम्बन्ध बनाने रखे। और विशेषकर ऐसे लोग जो स्वयं निर्णय लेने वाले हों जैसे ठेकेदार, बिल्डर, इंजीनियर, प्रॉपर्टी डीलर इत्यादि। ध्यान रहे सीमेंट या अन्य कोई ऐसा सामान कोई भी व्यक्ति अपनी विश्वसनीय दुकान से ही लेता है इसलिए Cement Dealership Business कर रहे  उद्यमी का लक्ष्य भी अपने ग्राहकों में अपने व्यापार के प्रति विश्वसनीयता को बढ़ाना होना चाहिए। इसके लिए उद्यमी को अपने ग्राहकों से नम्रता से पेश आने की आवश्यकता तो होती ही है साथ में उनकी छोटी छोटी परेशानियों जैसे यदि कोई सीमेंट का बैग थोड़ा सा फटा है और ग्राहक उसे बदलना चाहता है तो उद्यमी को बिना किसी बहस के उसे तुरन्त बदल लेना चाहिए। इन छोटी छोटी बातों से ग्राहकों का विश्वास उस दुकान एवं दुकानदार के प्रति सुदृढ़ होगा। और कस्टमर रिटेंशन में बढ़ोत्तरी होगी।

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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