होम लोन के प्रकार कई हैं, लेकिन वर्तमान में लाइफ में सेट होने का मतलब अपना खुद का घर होने से लगाया जाता है आपने भी अनेकों बार आम बोलचाल की भाषा में सुना होगा की वह तो वही सेट हो गया। यह वाक्य उस व्यक्ति के लिए कहा जाता है जिसने किसी शहर में खुद का घर बना लिया हो। इस व्यस्त जीवन में हर किसी का सपना खुद के लिए एक घर बनाने का होता है जहाँ वे अपने कार्य से निवृत्त होकर रात को शांति से रह सकें। अचल सम्पति की बढती कीमतों ने लोगों की घर खरीदने के सपने में मुश्किलें पैदा कर दी हैं।

और वर्तमान में घर खरीदना या इसका निर्माण करना बेहद कठिन कार्य हो गया है। इसलिए अधिकतर लोग ऐसे होते हैं जिनके लिए एकमुश्त इतनी राशि जुटा पाना संभव नहीं हो पाता, जितनी घर खरीदने या बनाने में लगती है । और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी जीवन भर की पूँजी को एक साथ घर खरीदने में खर्च नहीं करना चाहते ऐसे में लोग होम लोन लेना पसंद करते हैं जिसे वे अपनी आमदनी के मुताबिक किस्तों में धीरे धीरे उसका भुगतान कर सकते हैं।

यही कारण है की बैंक एवं अन्य हाउसिंग फाइनेंसिंग कंपनी इन दिनों विभिन्न प्रकार के होम लोन प्रदान करते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में होम लोन की मांग बेहद तीव्र गति से कई गुना बढ़ी है।

बात जब होम लोन की आती है तो अलग अलग लोगों की अलग अलग अपेक्षाएं एवं मांगे होती हैं। इसलिए हर श्रेणी के समाज की अलग अलग आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बैंकों एवं हाउसिंग फाइनेंसिंग कंपनियों ने विभिन्न होम लोन योजनायें शुरू कर रखी हैं। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से होम लोन के प्रकार के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।

होम लोन के प्रकार types of home loan in hindi
होम लोन के प्रकार

होम लोन के प्रकार (Types of Home loan in Hindi):

आम तौर पर लोगों को लगता है की बैंक या हाउसिंग फाइनेंसिंग कंपनिया केवल घर या फ्लैट खरीदने के लिए ही होम लोन प्रदान करती हैं। जबकि सच्चाई यह है की बैंक या हाउसिंग कंपनिया केवल घर खरीदने के लिए नहीं, बल्कि अन्य कारणों से भी होम लोन प्रदान करते हैं। फाइनेंसियल मार्केट में उपलब्ध कुछ होम लोन के प्रकार निम्नलिखित हैं।

1. जमीन/प्लाट खरीदने के लिए लोन:

बहुत सारे बैंकों एवं अन्य वित्तीय कंपनियों द्वारा जमीन या प्लाट खरीदने के लिए भी लोन दिया जाता है। प्लाट या भूमि खरीदना एक लचीला विकल्प इसलिए है क्योंकि प्लाट या भूमि घर के मुकाबले सस्ते दामों पर ख़रीदा जा सकता है, और जब व्यक्ति के पास पैसे हो जाएँ तब वह उस प्लाट या भूमि में घर का निर्माण कार्य शुरू करवा सकता है। कुछ बैंकों द्वारा जमीन की लागत का 85% तक लोन दिया जाता है।

2. घर खरीदने के लिए होम लोन:

होम लोन के प्रकारों में सबसे प्रसिद्ध प्रकार की बात करें तो वह यही है। अर्थात नया घर खरीदने या पुराना घर खरीदने के लिए होम लोन लेना सबसे अधिक प्रचलित प्रकार है। यही कारण है की लगभग हर प्रकार के बैंक एवं हाउसिंग फाइनेंसिंग कंपनी द्वारा इस प्रकार का यह ऋण ऑफर किया जाता है। इसमें ब्याज दर फ्लोटिंग या फिक्स्ड होती है जो आम तौर पर 9.85% से लेकर 12% तक हो सकती है।और इस प्रकार के ऋण में भी बैंकों द्वारा कुल लागत का 85% तक लोन दिया जाता है।

3. घर का निर्माण के लिए लोन:

इस प्रकार के होम लोन की बात करें तो यह होम लोन का प्रकार विशेष रूप से ऐसे लोगों के लिए डिजाईन किया गया है जो बना बनाया घर खरीदने की बजाय अपने मनमुताबिक अपने घर का निर्माण करना चाहते हैं। इस प्रकार के लोन की स्वीकृति की प्रक्रिया अलग होती है क्योंकि इसमें उन्हें प्लाट की कीमत को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

इस होम लोन के प्रकार में यदि ऋण लेने वाला व्यक्ति प्लाट की  लागत भी शामिल करना चाहता है तो उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है की प्लाट एक वर्ष के भीतर भीतर ख़रीदा जाना चाहिए। होम लोन की लागत अनुमान के आधार पर निर्धारित की जाती है। बैंकों द्वारा या हाउसिंग फाइनेंसिंग कंपनियों द्वारा ऋण लेने वाले व्यक्ति को लोन राशि एकमुश्त या किस्तों में दी जा सकती है।

4. घर बड़ा करने के लिए लोन:

होम लोन के प्रकारों में यह प्रकार उनके लिए है जिनके लिए उनका वर्तमान घर छोटा पड़ रहा हो और वे उसे बड़ा या बढ़ाना चाहते हों अर्थात उसी घर में बालकनी या कमरे और बनाना चाहते हों। इसलिए ऐसे लोग जो अपने घर को विस्तारित करना चाहते हैं वे इस तरह का लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

5. होम कन्वर्ज़न लोन:

होम लोन का यह प्रकार उनके लिए होता है जिन्होंने पहले से होम लोन का लाभ लिया हुआ हो अर्थात जिन्होंने होम लोन लेके घर ख़रीदा हुआ हो लेकिन वे अब नए घर में जाना चाहते हों । मौजूदा लोन को नए घर लेने के लोन में स्थान्तरित कर दिया जाता है । यही कारण है की होम लोन का यह प्रकार काफी खर्चीला होता है।

6. घर की रिपेयरिंग के लिए लोन:

इस प्रकार का यह लोन घर के बाहरी एवं अन्दुरुनी मरम्मत जैसे पेंटिंग, वाटर टैंक का निर्माण, इलेक्ट्रिकल का काम इत्यादि के लिए लिया जाता है। कहने का अभिप्राय यह है की घर की बेहतरी के लिए किये जाने वाले कामों के लिए इस प्रकार का यह लोन लिया जा सकता है।

7. बैलेंस ट्रान्सफर लोन:

होम लोन के प्रकारों में इस प्रकार के होम लोन की विशेषता यह होती है की इन्हें अन्य बैंकों में ट्रान्सफर किया जा सकता है। अर्थात यह उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाईन किया गया है जो किसी अन्य बैंक के अच्छे ऑफर एवं कम ब्याज को देखते हुए अपने लोन को अन्य बैंक में ट्रान्सफर करना चाहते हैं।

8. एनआरआई होम लोन:

इस प्रकार के यह लोन एनआरआई लोगों को ध्यान में रखकर डिजाईन किये गए हैं अर्थात ऐसे एनआरआई लोग जो भारत में आवासीय घर लेना चाहते हैं वे इस तरह के लोन का लाभ ले सकते हैं। लेकिन इस प्रकार का ऋण लेने के लिए औपचारिकतायें एवं आवेदन प्रक्रियाएं अन्य की तुलना में अलग होती हैं। आम तौर पर लगभग सभी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंक इस तरह के ऋण उपलब्ध कराते हैं।

9. ब्रिज्ड होम लोन:

इस प्रकार के यह होम लोन कम अवधि के लोन होते हैं क्योंकि इन्हें ऐसे व्यक्तियों को जारी किया जाता है जिनके पास खुद का घर है लेकिन वे उसे बेचना चाहते हैं और अपने लिए नया घर खरीदना चाहते हैं। इस स्थिति में जब तक उन्हें अपने मौजूदा घर के लिए कोई ग्राहक नहीं मिल जाता तब तक वे इस प्रकार का होम लोन लेकर नया घर खरीद सकते हैं।

उपर्युक्त दिए गए होम लोन के प्रकारों के अलावा इसके अन्य प्रकार भी हो सकते हैं लेकिन यहाँ पर हमने कुछ प्रमुख प्रकारों का ही वर्णन किया है। वर्तमान में जब भी घर खरीदने या बनाने की बात आती है तो व्यक्ति एक बार होम लोन के बारे में अवश्य सोचता है की उसके लिए होम लोन का कौन सा प्रकार उपयुक्त रहेगा।

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