UAN Deactivate करने की विधियाँ एवं एक से अधिक यूएएन होने के कारण

UAN Deactivate या Merge करने की आवश्यकता क्यों होती है इसको हम एक उदाहरण के माध्यम से समझने की कोशिश करेंगे | जैसा की हम सबको विदित है वर्तमान में हर ईपीएफ सदस्य के पास UAN का होना अनिवार्य है | हालांकि इसे वे लोग भी ऑनलाइन जनरेट कर सकते हैं जो अभी ईपीएफ सदस्य नहीं है और नियोक्ता द्वारा भी जनरेट करके इसे समबन्धित कर्मचारी को दिया जाता है | कभी कभी होता क्या है की व्यक्ति अपने द्वारा जनरेट किये गए UAN की जानकारी नियोक्ता को देना भूल जाता है तो नियोक्ता उसके लिए नया UAN Generate कर देता है | लेकिन परेशानी तब आती है जब कर्मचारी नियोक्ता द्वारा जनरेट किये गए UAN से अपना आधार लिंक करने की कोशिश करता है | चूँकि कर्मचारी का आधार पुराने UAN से पहले से लिंक होता है ऐसे में नए UAN से वह लिंक नहीं हो पाता है | इस स्थिति में सदस्य पुराना UAN Deactivate करने की सोचता है | ताकि उसका आधार नए यूएन से लिंक हो जाय | एक स्थिति यह है जब कर्मचारी दोनों में से एक UAN deactivate करने की सोचता है | हालांकि ऐसी स्थितियां अनेक हो सकती हैं लेकिन यहाँ पर हम केवल एक और स्थिति का वर्णन उदाहरण के तौर पर कर लेते हैं | माना एक व्यक्ति जिनका नाम सुरेश कुमार है ने ABC कंपनी में जुलाई 2016 से जून 2016 तक एक साल तक काम किया और जुलाई 2017 में उन्होंने दूसरी कंपनी XYZ में नौकरी करना शुरू कर दिया | ABC कंपनी के साथ काम करने के दौरान से ही सुरेश कुमार के वेतन से ईपीएफ काटना शुरू हो गया था इसलिए उसके पास Member ID, UAN सब पहले से था | लेकिन जब उसने पुरानी कंपनी छोड़कर नई कंपनी (XYZ) में काम करना शुरू कर दिया था तब तक उसकी पुरानी कंपनी ने Electronic Challan cum Return (ECR) में उसकी निकासी तिथि (DOE) नहीं भरी थी | जिसके कारण उसकी नई कंपनी XYZ को सुरेश कुमार को नया UAN allot करना पड़ा | अब सुरेश कुमार अपनी पुरानी Member ID को नए UAN के साथ लिंक करना चाहता है जो की पहले से पुराने UAN के साथ लिंक है |  अब सुरेश कुमार इसी सवाल के जवाब की तलाश में रहेगा की क्या वह एक से अधिक UAN का इस्तेमाल कर पायेगा? या क्या वह अनेक UAN को एक UAN में समायोजित कर सकता है? या क्या वह UAN deactivate कर सकता है ? इत्यादि |  ईपीएफ खाताधारकों में से बहुत सारे सदस्यों को इस स्थिति से होकर गुजरना पड़ सकता है इसलिए आज इस लेख के माध्यम से हम यह जानने की कोशिश करेंगे की इस स्थिति में UAN Deactivate या Merge कैसे किया जाता है |

एक से अधिक UAN Generate होने के पीछे कारण:  

इससे पहले की हम UAN Deactivate कैसे करें विषय पर विस्तृत तौर पर वार्तलाप करें यह जान लेते हैं की आखिर एक से ज्यादा UAN किस स्थिति में जनरेट हो सकते हैं | अर्थात इस समस्या को उत्पन्न करने के लिए कुछ संभावित कारण निम्नवत हैं |

  • यदि कर्मचारी ने ड्यूटी ज्वाइन करते वक्त अपने वर्तमान नियोक्ता को अपने पुराने नियोक्ता द्वारा जारी किये गए UAN की जानकारी न दी हो | यह स्थितियां तब पैदा होती है जब कर्मचारी चाहता है की उसकी पुरानी कंपनी के बारे में नई कंपनी को पता न चले, या कर्मचारी का पुरानी कंपनी के साथ कोई अनसुलझा मसला हो | या कर्मचारी अपने नए नियोक्ता से उसका पुराना अनुभव छुपाना चाहता हो इत्यादि | या कभी कभी कर्मचारी पुरानी डिटेल्स शेयर करना भूल भी सकता है और वर्तमान नियोक्ता द्वारा नया UAN जारी किया जा सकता है |
  • चूँकि अब कोई भी अर्थात बेरोजगार व्यक्ति भी स्वयं का आधार के माध्यम से UAN Online Generate कर सकता है | ऐसे में यदि किसी व्यक्ति ने यह प्रक्रिया नौकरी मिलने के बहुत साल पहले की हो लेकिन अब वह उसे भूल गया हो तो भी उसके नाम से दो UAN generate हो सकते हैं | इसका पता कर्मचारी को तब चलता है जब वह अपना आधार नए UAN से लिंक करने की सोचता है |
  • यदि किसी कर्मचारी के पुराने नियोक्ता ने निकासी तिथि (Date of Exit) न भरी हो और कर्मचारी ने नई कंपनी में काम करना शुरू कर दिया हो इस स्थिति में भी नई कंपनी अपने आप नया UAN generate कर देती है जिसकी वजह से कर्मचारी के पास दो UAN हो जाते हैं |

UAN Deactivate या Merge कैसे करें?:

अनावश्यक UAN Deactivate करने के दो तरीके हैं इनमे एक तरीका बेहद सरल है लेकिन इसमें कितना समय लगेगा यह कहना थोड़ा कठिन है | लेकिन दूसरा तरीका उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो पहले से किसी कंपनी में काम कर चुके हैं और उनको यह समस्या नौकरी बदलते समय आई है | नीचे हम इस लेख के माध्यम से UAN Deactivate करने की दोनों प्रक्रियाओं के बारे में जानेंगे |

UAN deactivate kaise kare

  1. UAN Deactivate की पहली विधि:

एक से अधिक UAN होने की स्थिति में कर्मचारी को इस बारे में तुरंत अपने नियोक्ता को या सम्बंधित कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय को uanepf@epfindia.gov.in के माध्यम से बताना चाहिए | दी गई ईमेल आईडी पर ईमेल भेजते समय दोनों UAN Number उल्लेखित करना बेहद जरुरी है | वेरिफिकेशन के बाद EPFO द्वारा पुराना UAN Deactivate अर्थात ब्लाक कर दिया जाता है और वर्तमान UAN को एक्टिव रखा जाता है |  इसके बाद कर्मचारी EPF एवं Service को नए UAN में Transfer के लिए क्लेम सबमिट कर सकता है | चूँकि UAN Deactivate करने की यह विधि काफी समय खाने वाली विधि है कुछ स्थितियों में इसमें परिणाम आने में समय लगता है तो कुछ स्थितियों में परिणाम आते ही नहीं हैं | इन्हीं सब बातों के मद्देनज़र कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ऐसी समस्याओं का हल ढूंढने हेतु एक वैकल्पिक समाधान के साथ सामने आया है |

  1. UAN Deactivate की दूसरी विधि:

UAN Deactivate या ब्लाक करने की इस दूसरी विधि को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अंजाम दिया जा सकता है |  तो आइये जानते हैं इस विधि द्वारा ऑनलाइन UAN Deactivate कैसे किया जाता है |

  • इस विधि में कर्मचारी को अपने पुराने पीएफ खाते से पीएफ अमाउंट नए खाते में ट्रान्सफर करने के लिए आवेदन करना होता है | यह प्रक्रिया UnifiedPortal में लाँग इन करके ऑनलाइन की जा सकती है |
  • इसके बाद ईपीएफओ का सिस्टम स्वचालित तौर पर ऐसे मामलों की पहचान करेगा जहाँ एक ईपीएफ खाते से दूसरे ईपीएफ खाते में पीएफ ट्रान्सफर किया गया है और उन दोनों खातों से अलग अलग UAN Number लिंक हैं | यह प्रक्रिया बिना किसी रिक्वेस्ट के स्वचालित रूप से की जाती है | ताकि एक कर्मचारी के पास केवल एक UAN रहे |
  • ऐसे पहचाने गए सभी UAN Deactivate या ब्लाक कर दिए जाते हैं जिनके लिंक हुए ईपीएफ खाते से ईपीएफ हस्तांतरण किसी नए UAN से लिंक ईपीएफ खाते में करा दिया गया हो | यानिकी जब EPFO को यह पता लग जाता है की एक कर्मचारी के पास दो UAN Number थे लेकिन अब वह पुराने UAN Number से लिंक ईपीएफ को ट्रान्सफर कर चूका है तो वह पुराने UAN को निष्क्रिय कर देगा | जिसके बाद पुराने UAN का उपयोग नहीं किया जा सकेगा |
  • अनेक यूएएन संख्याओं को विलय करने की यह प्रक्रिया ईपीएफओ द्वारा आवधिक आधार पर की जाती है इसलिए यदि किसी सदस्य से इसके लिए अनुरोध न भी किया गया हो तो भी इस प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सकता है |
  • यह प्रक्रिया होने के बाद कर्मचारी का पुराना ईपीएफ खाता भी नए UAN से लिंक हो जाता है |
  • कर्मचारी को उसके पिछले UAN Deactivate की स्थिति के बारे में जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस द्वारा भेज दी जाती है | उसके बाद कर्मचारी को सलाह दी जाएगी की यदि उसने अपना नया UAN Number Activate नहीं किया तो वह उसे एक्टिवेट करे | यूएन एक्टिवेट कैसे करते हैं के लिए पढ़ें |
  • कुछ परिस्थितियों में यह भी संभव है की कर्मचारी अपने पुराने नियोक्ता से बकाया पीएफ रिसीव करे ऐसी स्थिति में भी ईपीएफओ की प्रणाली को यह पता रहता है की पुराने यूएएन को निष्क्रिय अर्थात OLD UAN Deactivate के बदले कौन सा नया UAN सक्रीय है | इसलिए बकाया राशि नए UAN के साथ लिंक पीएफ खाते में ही जमा की जाएगी |

एक से अधिक यूएएन होने पर UAN Deactivate करने की इन दो विधियों में से दूसरी विधि अधिक प्रभावशाली एवं परिणाम सामने लाने वाली है लेकिन इसमें कर्मचारी को EPF Transfer के लिए रिक्वेस्ट करना होता है | बाकी क्रियाएं इस प्रणाली में स्वचालित रूप से आगे बढती हैं | लेकिन उद्यमी को ध्यान देना होगा की उसके दोनों UAN में उसकी कांटेक्ट डिटेल्स जैसे मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी सही होने चाहिए | इन्हीं के माध्यम से कर्मचारी अपने UAN सम्बन्धी अपडेट प्राप्त कर पायेगा |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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