देश में कई राज्य हैं, और हर राज्य में स्टार्टअप शुरू करने यानिकी खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए अलग अलग माहौल है। किस राज्य में व्यापार कितनी आसानी से शुरू किया जा सकता है, इसके लिए हर साल देश भर के राज्यों का इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के लिए मूल्यांकन किया जाता है। व्यापार शुरू करने सम्बन्धी विभिन्न पॉइंट्स को मद्देनजर राज्यों को पॉइंट प्रदान किये जाते हैं । इस साल भी राज्यों में व्यापार करने की आसानी की रैंकिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

इस साल सात राज्यों ने इस रैंकिंग में 90% से भी अधिक अनक अर्जित किये। इन शीर्ष राज्यों में गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, कर्णाटक, हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं । 30 जून को भारत सरकार द्वारा बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान 2020 की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें व्यापार शुरू करने के माहौल के आधार पर भारत शीर्ष राज्यों को सूचीबद्ध किया गया था।

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इस बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान में लगभग 300 बिंदु शामिल थे, जिनके आधार पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया। बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान का उद्देश्य राज्यों को इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के लिए कदम उठाने के लिए प्रेरित करना, और सर्वोत्तम प्रथाएं अपनाने वाले राज्य से सीखने को प्रोत्साहित करना, और भारत को दुनियाभर के निवेशकों के लिए पंसदीदा निवेश गंतव्य बनाना है।

इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस में शीर्ष कौन कौन से राज्य हैं

बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान की रिपोर्ट में अच्छा बिजनेस माहौल वाले राज्यों को चार श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है।  

बेस्ट परफ़ॉर्मर

बेस्ट परफ़ॉर्मर में आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, कर्णाटक, हरियाणा, तमिल नाडू, पंजाब और तेलंगाना हैं ।

टॉप परफ़ॉर्मर

हिमांचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओड़िसा इस श्रेणी में हैं।

लीडर

राजस्थान, पश्चिम बंगाल, केरल, झारखण्ड, गोवा, असम, छत्तीसगढ़ इसमें शामिल हैं। 

इमर्जिंग

चंडीगढ़, दमन और द्वीप, अंडमान और निकोबार, बिहार, दादर और नगर हवेली, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, पुड्डुचेरी और त्रिपुरा इसमें शामिल हैं।

बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान (BRAP) में क्या है  

बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान 2020 में 15 बिजनेस रेगुलाट्री एरिया को शामिल किया गया है, जिसमें 301 से अधिक बिन्दुओं के आधार पर राज्यों को रैंकिंग प्रदान की जाती है। प्रमुख बिंदु जैसे लोगों तक सूचना की पहुँच, सिंगल विंडो सिस्टम जिससे लोगों को तरफ तरह के ऑफिस में चक्कर न काटने पड़ें, श्रम की उपलब्धता, बिजनेस करके लिए पर्यावरण की अनुकूलता, भूमि प्रसाशन और सम्पति के हस्तांतरण की पद्यति, यूटिलिटी परमिट और अन्य बिंदु शामिल हैं।

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) द्वारा 2014 से ही राज्यों में इज ऑफ़ डूइंग का आकलन किया जा रहा है । 2015 से लेकर 2019 तक प्रति वर्ष इनकी रिपोर्ट जारी की गई। 2019 की रिपोर्ट जो सितम्बर 2020 में प्रकाशित की गई उसमें आंध्र प्रदेश ने सबसे शीर्ष रैंकिंग पाई थी। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, तेलंगाना ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था।

2020 की रिपोर्ट में 118 नए सुधारों को इस रिपोर्ट के तहत ट्रैक किया था, वह इसलिए क्योंकि राज्यों ने इन सुधारों में काम किया था। सेक्टर आधारित सुधारों को ट्रैक करने के लिए 9 सेक्टर से जुड़े 72 एक्शन पॉइंट के माध्यम से इनका आकलन किया गया। इनमें ट्रेड लाइसेंस, फायर डिपार्टमेंट से नों ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट, लीगल मेट्रोलोजी के अलावा कई अन्य बिंदु शामिल थे।

इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस रैंकिंग क्यों जरुरी है   

राज्यों की यह रैंकिंग इसलिए जरुरी हो जाती है, की आज भी जब कोई व्यक्ति अपना व्यापार शुरू करने की सोचता है, तो उसे यह एक जटिल प्रक्रिया लगती है । जब व्यापार करने के लिए चीजों को आसान बना दिया जाएगा, तो अधिक से अधिक लोग बिजनेस करने की ओर प्रेरित हो सकते हैं।

इसके अलावा इस तरह के अआक्लन से राज्यों में एक दुसरे से आगे निकलने की प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रेरणा मिलती है, निवेशकों का विस्वास बढ़ता है। और केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बिजनेस करने को आसान बनाने में साथ काम करती हैं ।

क्या इस तरह की रिपोर्ट विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती है?

भारत एक अर्धसंघीय देश है। अर्थात यहाँ पर राज्य के मुद्दों के लिए राज्य सरकार और राष्ट्रीय मुद्दों के लिए केंद्र संगठन का गठन होता है। इसमें कोई दो राय नहीं की पिछले कुछ वर्षों में इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में भारत ने अपनी रैंकिंग को काफी हद तक सुधारा है। लेकिन एक विदेशी निवेशक जब भारत में निवेश करने के बारे में सोचता है, तो वह यह जानने को उत्सुक रहता है की इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में भारत के कौन कौन से राज्य अव्वल हैं ।

ऐसे में बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान के तहत प्रकाशित राज्यों की वह रिपोर्ट उनके काफी काम आ सकती है। क्योंकि इसमें कोई दो राय नहीं की निवेशक वहीँ निवेश करना चाहेगा, जहाँ बिजनेस करने के नियम आसान, सरल और उचित हों। इसलिए कहा जा सकता है की यदि किसी राज्य की रैंकिंग इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के मामले में सुधरती है, तो वहाँ पहले की तुलना में अधिक निवेश आने की संभावना लगाईं जा सकती है।

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