Windfall Tax के चर्चा में रहने का मुख्य कारण यह है की, इस अप्रत्याशित कर को भारत सरकार ने तेल और गैस कंपनियों पर इसी महीने यानिकी 1 जुलाई से लगाया था। लेकिन अभी वैश्विक मंदी की आशंका के चलते वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम हो गई हैं। जिसके चलते भारत सरकार को मात्र 19 दिन के अन्दर ही Windfall Tax में कटौती करनी पड़ी।

कहने का आशय यह है की भारत सरकार ने तेल और गैस कंपनियों पर यह अप्रत्याशित कर तब लगाया था, जब अंतराष्ट्रीय बाज़ार में रूस युक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही थी। इसलिए सरकार ने तेल और गैस कंपनियों के लाभ पर यह Windfall Tax लगाया था। वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचना में इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा गया की पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर 6 रूपये प्रति लीटर और डीजल के निर्यात पर 13 रूपये प्रति लीटर की दर से Windfall Tax लगेगा।

windfall tax kya hai

1 जुलाई 2022 से सरकार ने जब तेल और गैस कंपनियों के मुनाफे पर यह टैक्स लगाया तो यह देश की दो सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनी आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ONGC) और रिलायंस के लिए किसी झटके से कम नहीं था। और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में पिछले दो सालों की सबसे बड़ी गिरावट 8.7% देखी गई। जिसका नतीजा यह हुआ की कंपनी को लगभग $19.35 बिलियन का नुकसान उठाना पड़ा।

सरकार का फैसला क्या था

रूस और युक्रेन युद्ध के प्रारम्भ होने के बाद, जब यूरोपीय देशों ने रूस के कच्चे तेल का बहिष्कार करना शुरू किया। तो कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ने लगी, लेकिन कई ऐसे देश भी थे, जिन्होंने रूस से सस्ते दामों पर कच्चे तेल को ख़रीदा, और उससे संसाधित ईधन को महंगे दामों में अन्य देशों की ओर निर्यात किया। इससे तेल और गैस कंपनियों ने बड़ी मात्रा में मुनाफा कमाया, उनके मुनाफे को विनियमित करने के लिए ही सरकार ने तेल और गैस कंपनीयों के मुनाफे पर Windfall Tax लगाया।

जब कच्चे तेल की कीमतें वैश्विक बाज़ार में बहुत अधिक बढ़ गई तो भारत सरकार ने तेल और गैस कंपनियों पर Windfall Tax लगाया। इसके तहत सरकार ने पेट्रोल और ATF जिसका फुल फॉर्म एविएशन टर्बाइन फ्यूल होता के निर्यात पर प्रति लीटर 6 रूपये और डीजल के निर्यात पर प्रति लीटर 13 रूपये अप्रत्याशित कर लगा दिया । इसके अलावा घरेलु स्तर पर भी कच्चे तेल के उत्पादन पर प्रति टन रूपये 23250 रूपये का अतिरिक्त कर लगाया।

Windfall Tax क्या है?

Windfall Tax को सरकार द्वारा तेल और गैस कंपनियों पर लगाया गया एक अप्रत्याशित कर कहा जा सकता है। और साधारण शब्दों में समझने की कोशिश करें तो यह एक ऐसा कर है जो किसी कंपनी या उद्योग को अचानक हुए बड़े मुनाफे पर लगाया जाता है । भारत की तेल और गैस कंपनी ONGC ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बम्पर लाभ कमाया, वह इसलिए क्योंकि अंतराष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे माल की कीमते अपने रिकॉर्ड स्तर $139 प्रति बैरल पर पहुंच चुकी थी।

यह सब यूरोपीय देशों द्वारा रूस के कच्चे तेल को नहीं खरीदने पर हो रहा था। लेकिन तब भारत भी उन देशों में शामिल था, जिसे रूस सस्ते दामों में कच्चा तेल बेच रहा था। यही कारण है की भारत की तेल और गैस कंपनियाँ सस्ते दामों में कच्चा तेल खरीदकर संसाधित ईधन को महंगे दामों में यूरोपीय या अन्य जरुरतमंद देशों के महंगे दामों में बेच रहे थे।

कंपनियाँ अपने मुनाफे के चक्कर में कहीं बहुत ज्यादा तेल निर्यात न कर दें, और घरेलु बाज़ार में ईधन की कमी न हो जाय। इसी बात को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने 1 जुलाई से तेल और गैस कंपनियों पर Windfall Ta x लगाया था।

यह अप्रत्याशित कर लगाने से पहले देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर चिंता भी जाहिर की थी। की यदि हमारे देश के नागरिकों के लिए ईधन पर्याप्त नहीं होगा, और उधर तेल और गैस कंपनियाँ ईधन का निर्यात करके अपने मुनाफे को बढ़ाती रहेंगी, तो यह बेहद चिंता की बात होगी।

जहाँ तक Windfall tax की बात है यह सिर्फ तेल और गैस कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि अन्य किसी भी कंपनी या उद्योग पर भी लगाया जा सकता है।

20 जुलाई 2022 को Windfall Tax में कटौती की गई

अब चूँकि वर्तमान में अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आई है। जिसके चलते भारत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर जो अप्रत्याशित कर Windfall Tax लगाया था, उसमें कुछ कटौती की गई है। आपको बता दें की सरकार ने पेट्रोल, ATF , Diesel इत्यादि पर केवल तीन हफ्ते पहले यानिकी 1 जुलाई 2022 से Windfall Tax लगाने की घोषणा की थी, जिसकी चर्चा हम ऊपर कर चुके हैं ।

भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब डीजल और ATF पर 2 रूपये प्रति लीटर टैक्स कम कर दिया गया है।  और पेट्रोल पर लगने वाले windfall tax को पूरी तरह हटा दिया गया है। नीचे दी गई सारिणी से हम इसे और स्पष्ट रूप से समझ सकते हैं।

पेट्रोलियम उत्पाद प्रति लीटर निर्यात पर टैक्स (पहले)प्रति लीटर निर्यात पर टैक्स (अब )
डीजल13 रूपये11 रूपये
ATF6 रूपये4  रूपये
पेट्रोल6 रूपयेNIL

तेल और गैस कंपनियों जिनके शेयरों में 1 जुलाई 2022 को Windfall tax लगने के बाद गिरावट देखी गई। आज जब सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में कटौती की है, तो स्वभाविक है की उनके शेयरों में उछाल भी देखने को मिलेगा।  

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published